इंडो-यूरोपीय भाषाओं में 'देवता' शब्द की उत्पत्ति: एक भाषावैज्ञानिक यात्रा
इंडो-यूरोपीय भाषाओं के भीतर 'देवता' शब्द की व्युत्पत्ति और इसके विविध रूप अत्यंत रोचक हैं। प्रारंभिक इंडो-यूरोपीय (PIE) भाषा में ‘देवता’ के लिए प्रयुक्त मूल शब्द *diw/*dyu था, जिसका अर्थ होता है उज्ज्वल आकाश या दिन का प्रकाश। इसी मूल से वैदिक ‘देव’, लैटिन ‘deus’, यूनानी ‘theos’, लिथुआनियाई ‘dievás’, स्लाविक ‘bog’ और जर्मनिक ‘god’ जैसे शब्द निकले।
PIE में *deiwós का अर्थ था 'स्वर्गीय', और बहुवचन *deiwó-s से अनेक भाषाओं में देवताओं का सामान्य शब्द बना। वैदिक देवता, जैसे इंद्र, वरुण, अग्नि आदि, इसी धारणा को दर्शाते हैं — कि देवता आकाशीय और प्रकाशमय हैं।
जर्मनिक भाषाओं में ‘god’ शब्द *ghu-to- से आया माना जाता है, जो वैदिक 'हुति' (अर्घ्य देना) से मेल खाता है। इस तरह देवता 'वह हैं जिन्हें अर्घ्य दिया जाता है'। गॉथिक guþ, ओल्ड इंग्लिश god और नॉर्स goð इसी श्रेणी में आते हैं।
ग्रीक ‘theos’ शब्द संभवतः *dhes-ós (देना/कथन) से व्युत्पन्न है, और माइसीनियन यूनानी में पहले से इसका प्रमाण है। लैटिन fanum (पवित्र स्थान), feriae (त्योहार), और faustus dies (शुभ दिन) शब्द भी इसी जड़ से निकले हो सकते हैं।
ईरानी भाषाओं में ‘baga’ (अवेस्तन में baγa-) एक प्रमुख देवता के लिए प्रयुक्त होता था। स्लाविक में यही *baga* 'bog' बना — जो आज भी रूसी, पोलिश आदि में 'ईश्वर' का पर्याय है। यह संस्कृत 'भग' से जुड़ा है, जिसका अर्थ है 'वितरित करने वाला' — यानी वह जो भाग्य या संपत्ति देता है।
'असुर' और 'अहुरा' शब्द, जो वैदिक और अवेस्तन परंपराओं में देवत्व का एक और आयाम दर्शाते हैं, *ansu-* या *ansu-z* मूल से व्युत्पन्न माने जाते हैं। जर्मनिक में 'aesir' और गॉथिक 'anseis' भी इसी श्रेणी में आते हैं।
हित्ती और पालेइक जैसी भाषाओं में भी हम dyeus से व्युत्पन्न रूप पाते हैं: Sius (देवता) और Tiuna (दिव्य)। यह दर्शाता है कि देवताओं को आकाशीय या प्रकाश से जोड़ने की परंपरा पूरे IE परिवार में साझा थी।
सभी भाषाओं में कभी-कभी 'सभी देवताओं' (जैसे वैदिक 'विश्वे देवाः', यूनानी 'πάντες θεοί', अवेस्तन 'daeva-vispānho') का समूहात्मक आह्वान किया जाता था — बिना व्यक्तिगत पहचान के। इसका उद्देश्य समस्त दिव्य शक्तियों को एक साथ स्मरण करना था।
यूनानी, रोमन, हित्ती, ईरानी और वैदिक परंपराओं में यह परिपाटी रही है कि कभी प्रमुख देवता (जैसे ज़ीउस, अहुरा मज़्दा, इंद्र आदि) को नाम लेकर, और बाकी को सामूहिक रूप से 'अन्य देवता' कहा जाता था।
यह स्पष्ट है कि इंडो-यूरोपीय समाजों में देवताओं का कोई निश्चित, सीमित पंथ नहीं था। कहीं 33, कहीं 1000, तो कहीं 12 देवताओं का उल्लेख मिलता है। लेकिन जो बात सबसे स्थायी रही, वह यह विचार था कि देवता *प्रकाश, आकाश और पूजा* से जुड़े हैं।
इस तरह से, 'देवता' शब्द की उत्पत्ति केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि भाषावैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी साझा सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है।
इंडो-यूरोपीय भाषाओं में 'देवता' शब्द की उत्पत्ति: एक भाषावैज्ञानिक यात्रा
इंडो-यूरोपीय भाषाओं के भीतर 'देवता' शब्द की व्युत्पत्ति और इसके विविध रूप अत्यंत रोचक हैं। प्रारंभिक इंडो-यूरोपीय (PIE) भाषा में ‘देवता’ के लिए प्रयुक्त मूल शब्द *diw/*dyu था, जिसका अर्थ होता है उज्ज्वल आकाश या दिन का प्रकाश।...
PIE में *deiwós का अर्थ था 'स्वर्गीय', और बहुवचन *deiwó-s से अनेक भाषाओं में देवताओं का सामान्य शब्द बना। वैदिक देवता, जैसे इंद्र, वरुण, अग्नि आदि, इसी धारणा को दर्शाते हैं — कि देवता आकाशीय और प्रकाशमय हैं।...
जर्मनिक भाषाओं में ‘god’ शब्द *ghu-to- से आया माना जाता है, जो वैदिक 'हुति' (अर्घ्य देना) से मेल खाता है...
ग्रीक ‘theos’ शब्द संभवतः *dhes-ós से व्युत्पन्न है...
ईरानी baga, स्लाविक bog और वैदिक भग सभी ‘वितरक’ ईश्वर के भाव से जुड़े हैं...
हित्ती Sius और पालेइक Tiuna शब्दों से भी देवत्व की व्युत्पत्ति सामने आती है...
समूहवाचक 'सभी देवताओं' (जैसे विश्वे देवाः, daeva-vispānho, πάντες θεοί) की परंपरा सभी IE भाषाओं में रही है...
इस तरह 'देवता' शब्द केवल धार्मिक विश्वास ही नहीं, बल्कि साझा भाषाई और सांस्कृतिक विरासत का प्रमाण है।...
चित्र: इंडो-यूरोपीय भाषाओं में 'देवता' शब्द के भिन्न रूप (जैसे देव, Deus, Theos, Bog इत्यादि) का भौगोलिक वितरण।
चित्र: विभिन्न इंडो-यूरोपीय भाषाओं में 'देवता' शब्द

