ऊर्जा चक्र और नाड़ी जंक्शन
शरीर की ऊर्जा संरचना और चक्रों की भूमिका
🌀 मूलाधार चक्र: यह शरीर की नींव है, सुरक्षा और अस्तित्व का केंद्र।
🌊 स्वाधिष्ठान चक्र: रचनात्मकता, भावनाएँ और आनंद का स्रोत।
🔥 मणिपुर चक्र: आत्मबल, इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से जुड़ा।
💚 अनाहत चक्र: प्रेम, करुणा और संबंधों का केंद्र।
🗣️ विशुद्ध चक्र: संप्रेषण और सच्चाई की अभिव्यक्ति।
👁️ आज्ञा चक्र: अंतर्ज्ञान, कल्पना और ज्ञान।
👑 सहस्रार चक्र: आध्यात्मिक जागरूकता और ब्रह्मज्ञान।
जैसे एक शहर में कई सड़कें किसी चौराहे पर आकर मिलती हैं और यदि वहां ट्रैफिक नियंत्रण ना हो तो जाम लग सकता है, वैसे ही हमारे शरीर में ऊर्जा मार्ग (नाड़ियाँ) चक्रों के रूप में मिलते हैं। यदि कोई चक्र बाधित हो, तो संबंधित शारीरिक और मानसिक क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। ध्यान और योग से हम इन्हें संतुलित कर सकते हैं।

