भगवद गीता ध्यान से आत्मा की यात्रा

Sanjay Bajpai
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🧘‍♂️ Geeta Dhyan – भगवद गीता ध्यान से आत्मा की यात्रा

Geeta Dhyan (भगवद गीता ध्यान) एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेशों पर ध्यान केंद्रित करता है। यह ध्यान केवल शांति नहीं, बल्कि मोक्ष का मार्ग है।

🌼 भगवद गीता क्या सिखाती है?

भगवद गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का विज्ञान है। इसमें धर्म, कर्म, ध्यान, और आत्मज्ञान

श्लोक: योगस्थः कुरु कर्माणि संगं त्यक्त्वा धनञ्जय । — गीता 2.48

यह श्लोक सिखाता है कि मन को स्थिर करके कार्य करो – यही ध्यान का सार है।

🧘‍♀️ Geeta Dhyan कैसे करें?

  1. शांत स्थान पर बैठें (सुखासन या पद्मासन में)
  2. मन को सांस पर केंद्रित करें
  3. धीरे-धीरे गीता के एक श्लोक को दोहराएं
  4. उस श्लोक के अर्थ पर ध्यान लगाएं
  5. श्रीकृष्ण की छवि मन में बनाएं

📿 ध्यान के लिए प्रमुख श्लोक

  • गीता 2.47: कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
  • गीता 4.7: यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
  • गीता 18.66: सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।

🌺 Geeta Dhyan के लाभ

  • मानसिक शांति और एकाग्रता में वृद्धि
  • अहंकार और मोह से मुक्ति
  • जीवन के उद्देश्य की स्पष्टता
  • सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक विकास

🔗 निष्कर्ष (Conclusion)

Geeta Dhyan केवल एक ध्यान विधि नहीं, यह आत्मा की गहराइयों में उतरने का मार्ग है। यह हर उस व्यक्ति के लिए उपयुक्त है जो आध्यात्मिक उन्नति चाहता है। भगवद गीता के श्लोकों में जो शक्ति है, वह ध्यान के माध्यम से अनुभव की जा सकती है।

🪷 ओम् तत्सत् 🪷


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