🌿 देवशयनी एकादशी 2025: तिथि, व्रत विधि व महत्व
📅 तिथि व समय
- तारीख: सोमवार, 7 जुलाई 2025
- एकादशी प्रारंभ: 6 जुलाई, रात 11:56 बजे
- एकादशी समाप्त: 8 जुलाई, रात 2:25 बजे
- पारण का समय: 8 जुलाई, सुबह 6:00 से 8:35 बजे तक
🌺 देवशयनी एकादशी का महत्व
देवशयनी एकादशी, जिसे हरिशयनी या आषाढ़ी एकादशी भी कहा जाता है, भगवान विष्णु के शयन का दिन है। इस दिन से चातुर्मास की शुरुआत होती है, जिसमें भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं।
🕉️ व्रत विधि
- प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
- भगवान विष्णु को पीले पुष्प, तुलसी व भोग अर्पित करें।
- विष्णु सहस्त्रनाम व गीता का पाठ करें।
- रात्रि जागरण करें व भजन-कीर्तन करें।
- अगले दिन पारण कर व्रत समाप्त करें।
📖 पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यता अनुसार, जब राक्षसों का अत्याचार बढ़ा तो भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले गए ताकि ब्रह्मांडीय संतुलन बना रहे। इस अवधि में देवी-देवता भी विश्राम करते हैं और पूजा में विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
📜 श्लोक
शयनं यान्ति ये विष्णुं, आषाढे शुक्लपक्षके।
तेषां पुण्यफलं लोके, न कथंचिद्विनश्यति॥
🌱 निष्कर्ष
देवशयनी एकादशी न केवल व्रत का दिन है, बल्कि आत्मा की शुद्धि का अवसर भी है। भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सुख, शांति व मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
#Tags: Devshayani Ekadashi, Harishayani Ekadashi, Chaturmas Start, Vishnu Ekadashi Vrat, Ekadashi 2025 Hindi

