🌕 गुरु पूर्णिमा: अंधकार से प्रकाश की ओर
गुरु पूर्णिमा भारत और दक्षिण एशिया के अन्य हिस्सों में शिक्षकों, गुरुओं और आध्यात्मिक मार्गदर्शकों के सम्मान में मनाया जाने वाला एक अत्यंत पूजनीय त्यौहार है — जो हमारे अज्ञान से ज्ञान की ओर मार्ग को प्रकाशित करते हैं।
🕉️ गुरु शब्द का अर्थ
“गु” का अर्थ है अंधकार और “रु” का अर्थ है उसे हटाने वाला। अतः गुरु वह होता है जो अज्ञानता के अंधकार को हटाकर ज्ञान का प्रकाश देता है।
📅 2025 में कब है गुरु पूर्णिमा?
इस वर्ष गुरु पूर्णिमा गुरुवार, 10 जुलाई 2025 को मनाई जाएगी। यह आषाढ़ मास की पूर्णिमा (जून-जुलाई) के दिन मनाया जाता है।
🙏 गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है?
- हिंदू परंपरा: महर्षि वेदव्यास जी का जन्म इस दिन हुआ था — जिन्होंने वेदों का संकलन किया और महाभारत की रचना की।
- बौद्ध परंपरा: भगवान बुद्ध ने सारनाथ में पहला उपदेश इस दिन दिया था।
- जैन परंपरा: भगवान महावीर ने गौतम स्वामी को अपना शिष्य बनाया था।
- योग परंपरा: इस दिन शिव आदि गुरु बनकर योग का ज्ञान सप्तर्षियों को देते हैं।
🌼 गुरु पूर्णिमा कैसे मनाई जाती है?
- गुरु पूजा (फूल, वस्त्र, दीप अर्पण)
- ध्यान, मौन, जप व स्वाध्याय
- आश्रमों व संस्थानों में सत्संग व प्रवचन
- शिष्य गुरुओं से आशीर्वाद लेते हैं
- पवित्र ग्रंथों जैसे गुरु गीता का पाठ
- आत्म-विकास हेतु संकल्प
🌟 गुरु पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व
- गुरु ब्रह्मा, विष्णु, महेश के समकक्ष माने जाते हैं।
- गुरु-शिष्य परंपरा का सजीव उत्सव।
- ज्ञान और आत्म-साक्षात्कार की यात्रा का आरंभ।
- धार्मिक सीमाओं से परे, आध्यात्मिक मार्गदर्शन का प्रतीक।
📜 प्रेरणादायक श्लोक
“अज्ञानतिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जन शलाकया ।
चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥”
— भावार्थ: जो अज्ञान के अंधकार में डूबे शिष्य की आंखों को ज्ञान से खोलते हैं, उन्हें प्रणाम।
✨ दिन के लिए विचार
“गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः।
साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः।”
— गुरु स्तोत्रम
🙏 शुभकामना संदेश
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं! आपका जीवन प्रकाशमय हो, ज्ञान, संस्कार और आत्मबल से युक्त हो। गुरुचरणों में श्रद्धा सदा बनी रहे।