जेसोरेश्वरी शक्ति पीठ : माँ काली का पावन धाम
जेसोरेश्वरी शक्ति पीठ (Jeshoreshwari Shaktipeeth) हिंदू धर्म के 51 प्रमुख शक्ति पीठों में से एक है। यह पवित्र स्थल बांग्लादेश के सतखीरा ज़िले के ईश्वरपुर गाँव में स्थित है, जहाँ माँ काली की पूजा की जाती है।
पौराणिक कथा
पुराणों के अनुसार, भगवान शिव द्वारा माता सती के शरीर को लेकर तांडव करने पर भगवान विष्णु ने उनके शरीर के अंग पृथ्वी पर गिराए। जिस स्थान पर माता सती की हथेली गिरी, वही जेसोरेश्वरी शक्ति पीठ कहलाया।
ऐतिहासिक महत्व
- मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी में हुआ माना जाता है।
- महाराजा प्रतापादित्य के सेनापति को यहाँ दिव्य प्रकाश दिखाई दिया।
- पत्थर पर हथेली की आकृति मिलने के बाद देवी की स्थापना की गई।
वास्तुकला और पूजा
मंदिर रत्ना वास्तुशैली में निर्मित है। यहाँ काली पूजा और दुर्गा पूजा विशेष रूप से मनाई जाती है।
धार्मिक महत्व
यहाँ की अधिष्ठात्री देवी माँ काली और भैरव चंड भैरव माने जाते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहाँ दर्शन से साहस और शक्ति की प्राप्ति होती है।
निष्कर्ष
जेसोरेश्वरी शक्ति पीठ आस्था, इतिहास और संस्कृति का दिव्य संगम है, जो आज भी भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है।
