आज्ञा चक्र

Sanjay Bajpai
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आज्ञा चक्र – छठा ऊर्जा केंद्र | कुंडलिनी योग में इसका महत्व

आज्ञा चक्र – छठा ऊर्जा केंद्र

आज्ञा चक्र प्रतीक

आज्ञा चक्र कुंडलिनी योग प्रणालियों में छठा चक्रभौंहों के बीच

अविभेदित ब्रह्म चेतना की ओर

इस चक्र की प्राप्ति के साथ साधक सभी भावनाओं से परे एक ऐसी अवस्था को प्राप्त करता है जिसे अविभेदित ब्रह्मांडीय जागरूकता

तत्व और चेतना

कुछ योग परंपराएं इस चक्र से जुड़े "तत्व" को प्राकृतिक दुनिया का स्रोततीन गुणोंचेतना के तीन स्तरों – बुद्धि (उच्च मन), अहंकार (अहं), और मानस (मन) से जोड़ती हैं।

देवता: राधानारीश्वर

इस चक्र के अधिष्ठाता देवता हैं राधानारीश्वरद्वैत का अंतसांसारिक एवं पारलौकिक

शक्ति: हकीनी

इस चक्र की आंतरिक शक्ति या देवी को हकीनी

प्रतीक और रंग

आज्ञा चक्र का प्रतीक दो चमकदार, पारदर्शी सफेद पंखुड़ियोंज्ञान और अंतर्दृष्टि

निष्कर्ष

जब यह चक्र जागृत होता है, तो साधक को आध्यात्मिक दृष्टि, अंतर्ज्ञानआत्मज्ञान

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